दीपावली क्यों मनाई जाती है दीपावली 2022 तिथियां?

DailyHindiPost:- वैसे तो दीपावली भारत सहित दुनिया के लगभग सारे देशों में मनाई जाती है, लेकिन एक देश ऐसा भी है, जहां यह पर्व कुछ अलग ढंग से मनाया जाता है। पड़ोसी देश नेपाल में कुत्तों की पूजा की जाती है। नेपाल में इस प्रकाशपर्व को तिहार कहा जाता है। यह बिल्कुल वैसे ही मनाई जाती है, जैसे भारत में दिवाली मनाई जाती है। लेकिन इसके अगले ही दिन एक और दिवाली मनाई जाती है। इस दिवाली को कुकुर तिहार कहा जाता है। कुकुर तिहार पर कुत्तों की पूजा की जाती है। उनके लिए खास व्यंजन भी तैयार किए जाते हैं। साथ ही उन्हें दही का सेवन कराया जाता है। 

 
 

हर साल कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की अमावस्या को दिवाली मनाई जाती है। इस साल 4 नवंबर को दिवाली है। इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। साथ ही दीप जलाए जाते हैं, पटाखे फोड़े जाते हैं और मिठाइयां बांटी जाती हैं। लोग एक दूसरे को गिफ्ट भी देते हैं। ऐसी मान्यता है कि जब मर्यादा पुरषोत्तम राम 14 वर्षों का वनवास कर अयोध्या लौटे, तो अयोध्या नगरी में दिवाली मनाई गई थी। इस मौके पर लोगों ने दीप जलाकर भगवान श्रीराम का स्वागत किया था। उस समय से दिवाली मनाई जाती है। आधुनिक समय में प्रकाश का पर्व दिवाली दुनियाभर में मनाई जाती है। हालांकि, दिवाली मनाने के रिवाज में अंतर हैं। 

आप सब ने सुना या पढ़ा ही होगा की भारत एक ही सिर्फ ऐसा देश है जिसे त्योहार का देश कहा  जाता है भारत देश में पुरे साल में कई उत्सव मनाये जाते है 35 करोड़ देवी देवता है इसलिए भारत देश में  कोई ना कोई त्योहार आता रहता हैजैसे होली दीपावली  रक्षाबंधन , मकर संक्रांति आदि  जिसमे से एक दीपावली भी है यह दशहरा के पुरे 20 दिन बाद दीपावली उत्सव मनाया जाता  है  

भारत त्योहारों का देश है, यहां कई प्रकार के त्योहार पूरे साल ही आते रहते हैं लेकिन दीपावली सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। यह त्योहार पांच दिनों तक चलने वाला सबसे बड़ा पर्व होता है। इस त्योहार का बच्चों और बड़ों को पूरे साल इंतजार रहता है। कई दिनों पहले से ही इस उत्सव को मनाने की तैयारियां शुरू हो जाती है।

जैसा की अब दिवाली आ ही रही है तो हर कोई अपने घर में साफ़ सफाई में लगे हुए है औरअपने घर को सजवाट से सजा रहे है दिवाली ही एक ऐसा पर्व है जिसमे हर कोई अपने घर की साफ़ सफाई करता है दिवाली में हर कोई अपने घर के छतो पर मिटटी के दिए या मोमबत्ती लगता है जिससे सब के घर में उजाला दिखाई देता है दिवाली पर्व पर पूरा भारत जग मग जाता है हर कोई इस दिन नए कपडे और मिठाई लाता है और पटाके फोड़ते है माता लक्समी जी की पूजा की जाती है हर कोई हर  किसी के घर मिठाई ले कर जाता है सब साथ में पूजा पथ किया जाता है 

दिवाली 2021 तिथियां ?

Dhanteras: 23 October 2022

Choti Diwali: 24 October 2022

Diwali: 24 October November 2022

Govardhan Puja: 25 October 2022

Bhai Duj: 26 October 2022

दिवाली क्यों मनाई जाती है ? 

इस दिन मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम, उनकी पत्नी माता सीता और उसके भाई श्री लक्ष्मण के द्वारा राक्षस राजा रावण पर विजय के बाद 14 साल वनवास (14 साल के निर्वासन) से वापसी की खुशी मे मानते हैं। लोग नए या अपने सबसे अच्छे कपड़े पहिन कर शाम को सभी लोगों से आदर-भाव से भेंट करते हैं। दीये जलाते हैं, माँ लक्ष्मी की पूजा करते हैं, एक या अधिक अपने ईस्ट देवताओं का आव्हान करते हैं, आम तौर पर गणेश, सरस्वती, और कुबेर की भोग – पूजा करते हैं।

एसा माना जाता है, कि माँ लक्ष्मी दीवाली की रात को पृथ्वी पर घूमने के लिए आतीं है। इसलिए लोग दीवाली की रात को, अपने दरवाजे और खिड़कियां माँ लक्ष्मी के स्वागत के लिए खुला छोड़ देते हैं।

भारत के कुछ हिस्से मे दीवाली नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के रूप मे भी मनाया जाता है। व्यापारी और दुकानदार अपने पुराने साल के खातों को बंद करते हैं, एवं लक्ष्मी जी और अन्य देवताओं के आशीर्वाद के साथ एक नया वित्त वर्ष की शुरुआत करते हैं।

सिख धर्म मे लोग दिवाली को बंदी छोर दिवस के रूप में भी मनाया करते हैं, और जैन इस त्योहार को भगवान महावीर जी की स्मृति के रूप में मानते हैं।

दिवाली क्यों मनाई जाती है इसके पीछे कई तर्क है दीपावली मुख्य रूप से रोशनी यानी कि उजाले  का पर्व है दिवाली पर्व इसलिए  मनाई जाती है इस दिन भगवान् राम 14 साल की बनवास काटकर अयोध्या लोटे थे इस ख़ुशी में अयोध्या राज के वासियों ने दीपक जलाकर भगवान् राम का स्वागत किया था यानी की भगवान् राम भाई लक्समन माता सीता के घर वापिस के समान के रूप में दिवाली  पर्व मनाया जाता  है   

दिवाली का त्यौहार में लोग क्या-क्या करते है ?

सबसे पहले हर कोई अपने घर में साफ़ सफाई करते है और अपने घर में सजावट करते है जिस से घर अच्छा दिखाई दे मार्किट में जा कर नए कपडे और दिवाली पूजन सामग्री आदि ले कर आते है पटाके आदि भी मार्किट से ले कर आते है पूजा पथ होने के बाद सब अपने घरो के बाहर पटाके बजाते है सब लोग एक-दूसरे के घर मिठाई लेकर जाते है 

दान करें ?

धनतेरस के दिन यदि आप चीनी, बताशा, खीर, चावल, सफेद कपड़ा आदि अन्य सफेद वस्तुएं दान करते हैं, तो आपको धन की कमी नहीं होगी। जमा पूंजी बढ़ने के साथ ही कार्यों में आ रहीं बाधाएं भी दूर होंगी। इस दिन यदि आपके दरवाजे पर कोई भिखारी, जमादार या गरीब व्यक्ति आए, तो उसे खाली हाथ न भेजें। आप कुछ न कुछ उसे जरूर दें। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और आपको समृद्धि का आशीष देती हैं। इससे आपको हर कार्य में अपार सफलता भी मिलेगी। इस दिन आप किसी मंदिर में जाकर केले का पौधा या कोई सुगंधित पौधा लगाएं। जैसे-जैसे ये हरे भरे और बड़े होंगे, आपको जीवन में भी सफलताएं बढ़ेंगी। इस दिन अन्न दान, वस्त्र दान, लोह दान और मंदिर में झाड़ू दान करने के भी प्रचलन है।

आखिर में,

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