What is canonical tag – Meta canonical Seo In hindi

 अगर आप भी SEO  के बारे में जानना चाहते है On Page SEO तब तक पूरी नहीं होती जब तक Canonicalization SEO की बात न की जाय तो कैनोनिकल लिंक साइट को गूगल में इंडेक्स करने के काम आती है 

इससे गूगल को हमारी डुप्लीकेट लिंक में से ओरिजिनल लिंक ढूंढने में काम करता है और गूगल जल्दी से इंडेक्स करता है  

और आपको कैनोनिकल लिंक के बारे नहीं पता की कैनोनिकल लिंक क्या होता है इसका क्या फायदा होता है कैनोनिकल लिंक कैसे ऐड करते है कैनोनिकल लिंक वेबसाइट में प्रयोग न करने से क्या प्रभाव पड़ता है 

इन सब चीजों के बारे में नहीं जानते तो आप इस लेख को पूरा अंत तक जरूर पढ़े क्यों की इसी लेख में हम आपको पूरी जानकारी देने वाले है 


Canonical Tag Kya Hai ?

 Canonical Tags एक साधारण Html Codes होते है जो सर्च इंजन बोट्स को यह समझाने में मदद करते है की वेबसाइट के अंदर master Url कोनसा है और Duplicate urls कोनसे है।

 कैनोनिकल लिंक आपके किस लिंक को सर्च इंजन में इंडेक्स करना किस लिंक को इंडेक्स नहीं करना है इसमें आपकी  मदद करता है 

एक कैननिकल टैग खोज इंजनों को यह बताने का एक तरीका है कि एक विशिष्ट URL किसी पृष्ठ की मास्टर कॉपी का प्रतिनिधित्व करता है। 

विहित टैग का उपयोग करने से एक से अधिक URL पर दिखाई देने वाली समान या “डुप्लिकेट” सामग्री के कारण होने वाली समस्याओं से बचा जाता है। 

व्यवहार में, विहित टैग खोज इंजनों को बताता है कि आप खोज परिणामों में URL का कौन सा संस्करण दिखाना चाहते हैं।


Canonical Tag का उपयोग क्यों किया जाता है ?

 Dosto , में आपको एक एक्साम्प्ल के माध्यम से बताता हूँ की कैनोनिकल टैग का उपयोग क्यों किया जाता है 

आप सोचो की आपने एक पोस्ट लिखा है आपको पता ही होगा की मोबाइल में by डिफ़ॉल्ट के लिए अलग यूआरएल बन जाता है और डेस्कटॉप के लिए एक अलग यूआरएल बन जाता है 

suppose करो आपके एक पोस्ट के कुछ यह url produce हो गए है।

1 ) https://www.ATOZ .com/seo

2) https://www.ATOZ .com/seo/feed

3)https://www.ATOZ .com/page1

जब गूगल बोट वेबसाइट पर आता है उसको एक पोस्ट के 3 यूआरएल नजर आते है अब वो किसको इंडेक्स करवाए और किसको नहीं 

फिर यही पर ही कैनोनिकलटैग का काम आता है आपने जो भी यूआरएल अपने वेबसाइट के कैनोनिकल टैग में डाला है 

गूगल उसे ही इंडेक्स करवा देगा और बाकि को नजरअंदाज कर देगा 

अगर आपने कैनोनिकल टैग नहीं डाला है तो गूगल कोई भी लिंक को अपने हिसाब से गूगल में इंडेक्स करवा देगा 


Canonical Tag के फायदे ?

1.) यह हमें डुप्लीकेट समस्या से बचाता है

2.) सर्च इंजन के पेज में हमारी रैंकिंग अच्छी होती है 

3.) हमारे इंडेक्सिंग में कोई इशू नहीं आता है और इंडेक्सिंग भी सही तरीके से होती है 

4.) गूगल के बोट्स को समझने में आसानी होती है की कौन से पेज इंडेक्स करने है और कौन से नहीं 

5.) यह आपके लिंक को डिस्ट्रीब्यूट नहीं होने देता है 

6.) यह आपके डुप्लीकेट कंटेंट को गूगल में इंडेक्सिंग होने से रोकता है



Blogger में कैनोनिकल टैग कैसे बनाये और जोड़ें ?

1.) सबसे पहले आपको सर्च बॉक्स में सर्च करना है कैनोनिकल टैग जनरेटर या फिर  आपको इस लिंक पर क्लिक करना है

2.) अब आपके सामने एक वेबसाइट आपने हो जायेगी आपके सामने  एक बॉक्स दिखाई देगा आपको अपनी वेबसाइट का यूआरएल डाल देना और सबमिट बटन पर क्लिक कर देना है 

3.) कुछ देर प्रोसेस करने के बाद कैनोनिकल टैग बन कर तैयार हो जायेगा 

4.) अब इस कोड को कॉपी करके अपने ब्लॉगर के थीम में हटम्ल के हेड सेक्शन के निचे पेस्ट कर देना है आपका गूगल में अब मैन यूआरएल ही सबमिट होगा  


आज हमने क्या सीखा .
 
दोस्तों आज हमने कैनोनिकल टैग  क्या है कैनोनिकल टैग का उपयोग कैसे करे यह इस लेख में पढ़ा है में आशा करता हु आपको यह सब समझ में आ गया होगा 

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